नेटवर्किंग नकली लगथे फेर रेफरल ले ही रस्ता खुलथे—बिना दिखावा करे जान-पहचान कइसे बढ़ाबो?
कम गोठियाय वाला मनखे ल चाय-टपरी के दिखावा करे के जरूरत नइ हे; छोटे सहयोग अउ काम के असली बातचीत ले भरोसेमंद रेफरल मिलथे।
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नेटवर्किंग तब नकली लगथे जब हमन कोनो मनखे ल सिरिफ अपन काम निकाले के सीढ़ी समझके अचानक मीठ गोठियाय लगथन। शांत अउ अंतर्मुखी स्वभाव के मनखे ल भीड़ मं जबरदस्ती हंसे या झूठा तारीफ करे के जरूरत नइ हे। जब आप अपन काम के बारीकी साझा करथव, कोनो के काम मं सादा अउ सच्चा सराहना भेजथव अउ बिना कुछ मांगे उपयोगी जानकारी देथव, तब रेफरल अपने-आप भरोसा ले निकलथे।
राजिम के पुल, पैंतीस ऑनलाइन अरजी अउ चाय-टपरी के खबर
गिरधारी बंछोर छब्बीस बछर के हे, राजिम मं त्रिवेणी संगम कोती के जुन्ना पारा मं रहिथे अउ रोज बिहनिया बाइक चलाके अभनपुर तीर के एक कृषि-उपकरण सप्लाई कंपनी मं जाथे। उहां ओ ह गोदाम के इन्वेंटरी सॉफ्टवेयर अउ डेटा रिपोर्ट के काम संभालथे। गिरधारी कम गोठियाथे, फेर ओकर बनाय एक्सेल अउ डेटाबेस मं कभू एको ठन गलती नइ निकलय। ओकरे बगल के मेज मं विपिन बइठथे, जेकर रिपोर्ट मं आधा हिसाब गिरधारीच ह सुधारथे। फेर ओ बुधवार मंझनिया चाय के टपरी मं पता चलिस कि विपिन ल इंदौर के एक बड़े सप्लाई-चेन कंपनी ले इंटरव्यू के सीधा बुलावा आ गे हे, काबर कि ओ ह पिछला महीना एक व्यापार मेला मं उहां के रीजनल मैनेजर संग सेल्फी लेय रहिस अउ लिंक्डइन मं ओकर हर पोस्ट मं ताली वाला निसान बनावत रहिस। गिरधारी ह तीन महीना मं पैंतीस ठन कंपनी के वेबसाइट मं फॉर्म भरे रहिस, फेर एको ठन जवाब नइ आय रहिस। रतिहा कुरिया मं मोबाइल धरके जब ओ ह एक अनजान सीनियर ल ‘सर, रेफरल दे देवव’ लिखे बर बइठिस, त ओकर अंगरी रुक गे; ओला लगिस जइसे ओ ह अपन स्वाभिमान बेचके झूठा दोस्ती के नाटक करत हे।
हमन ल जान-पहचान बढ़ाना अतेक नकली काबर लगथे?
जउन मनखे अपन काम ईमानदारी अउ मेहनत ले करथे, ओकर मन मं एक गहिरा मान रहिथे कि काम के मोल काम लेच होना चाही, चेहरा चमकाय ले नइ। जब अइसन मनखे ल कहे जाथे कि ‘नेटवर्किंग करव’, त ओकर आंखी के आगू उही मनखे मन के चेहरा घूम जाथे जेन मन बिना काम जाने बड़े-बड़े शब्द फेंकथें, हर गोठ मं हाहा-हीही करथें अउ मतलब निकलतेच फोन उठाना बंद कर देथें। ए रूप ल देखके शांत स्वभाव के मनखे अपन खोल मं अउ भितर घुस जाथे। फेर असली पेंच इहां फसथे कि आज के भर्ती प्रक्रिया मं एक पद बर जब हजार ठन बायोडाटा जमा होथे, त कंपनी के मनखे घलो अनजान कागज के भीड़ ले डराथे। ओ ह अइसन नाम खोजथे जेकर बारे मं कोनो जानकार मनखे कहि सकय कि ‘हव, ए मनखे काम के पक्का आय।’ माने रेफरल के जरूरत सिस्टम के कमजोरी ले उपजे हे, फेर ओला पाय के रस्ता जरूरी नइ हे कि नकलीच होवय।
मतलब के सौदा बनाम काम के सच्चा जुड़ाव: दूनों के कीमत
इहां दू रस्ता साफ दिखथे: एक कोती ‘लेन-देन वाला सौदा’ हे अउ दूसर कोती ‘काम के सार्थक जुड़ाव’। लेन-देन वाला सौदा मं आप साल भर कोनो ल पूछव नइ, अउ जेन दिन नौकरी के जरूरत परिस ओ दिन अचानक ‘कइसे हव भइया’ लिखके अपन बायोडाटा पटक देवव। ए तरीका ले कभू-कभार तुरंत काम बन जाथे, फेर एकर कीमत आपके आत्मसम्मान चुकाथे; भीतर ले अपराध-बोध रहिथे अउ सामने वाला घलो समझ जाथे कि आप सिरिफ गरज मं सुरता करे हव। दूसर कोती, कहूँ आप स्वाभिमान बचाय के नाम मं कोनो ले गोठियाबेच नइ करव अउ अपन काम ल चुपचाप कोना मं रखे रहिथव, त आपके मन तो साफ रहिथे फेर आपके काबिलियत बंद कुरिया मं ही सिमट के रहि जाथे। इहां जेन सबूत गायब रहिथे, ओ ये आय कि का बिना चापलूसी करे, सिरिफ काम के गुन अउ शांत सहयोग के दम मं घलो मजबूत पेशेवर जान-पहचान बनाय जा सकथे? जइसे कई बेर मनखे अतिरिक्त आमदनी बर मुख्य नौकरी के संग दूसर काम करे के जोखिम अउ नियम ल तौलथे, वइसनेच करियर मं आगे बढ़े बर अपन स्वभाव ल बिना बदले संपर्क के सही तरीका खोजना परथे।
दिखावा वाला संपर्क अउ शांत पेशेवर संबंध मं फरक
| पहलू | दिखावा अउ मतलब वाला व्यवहार | शांत अउ सच्चा पेशेवर जुड़ाव |
|---|---|---|
| बातचीत के सुरुआत | तुरंत काम मांगे बर झूठा तारीफ या उधार के अपनापन दिखाना | सामने वाला के कोनो खास काम, लेख या प्रोजेक्ट के बारीकी ऊपर सच्चा सवाल या सराहना |
| अंतर्मुखी मनखे ऊपर असर | थकान, आत्मग्लानि अउ खुद ल छोटे महसूस करना | सहज लगना, काबर कि बात मनखे के दिखावा ऊपर नइ बल्कि काम के विषय ऊपर टिके रहिथे |
| भरोसा के आधार | सिरिफ चाय-नाश्ता या सोशल मीडिया के ऊपरी ताली | छोटे-छोटे काम मं समय के पाबंदी, साफ जानकारी अउ समस्या सुलझाय के आदत |
| रेफरल मांगे के बेरा | अचानक बायोडाटा भेज के शर्मिंदा होना | पहिली ले बने कामकाजी परिचय के आधार मं स्पष्ट पद अउ अपन योग्यता के मिलान दिखाना |
‘मैं कोन हंव’ के बदला ‘मैं का बनावत अउ सुलझावत हंव’ ले बात खोलव
अंतर्मुखी मनखे ल अपन मुंह ले अपन बड़ाई करे मं सबले जादा संकोच होथे। एकर सरल उपाय ये आय कि बातचीत के केंद्र खुद ल झन बनावव, काम के विषय ल बनावव। गिरधारी ह जब सोचे बर बइठिस, त ओला समझ आइस कि ओला भीड़ मं चुटकुला सुनाय के जरूरत नइ हे। ओ ह तो गोदाम मं खराब होवइया पंप के स्पेयर पार्ट्स के हिसाब ल तीन घंटा ले घटाके पंद्रह मिनट मं लाय के फॉर्मूला बनाय हे। जब आप अपन क्षेत्र के कोनो सीनियर या दूसर कंपनी के जानकार मनखे ल संदेश भेजथव, त ये झन लिखव कि ‘मोला नौकरी चाही’। ओकर बदला ओमन के साझा करे कोनो तकनीकी समस्या ऊपर अपन अनुभव के दो-तीन साफ लाइन लिखव, या पूछव कि ‘अपन गोदाम मं हमन ए तरीका अपनाय हन, का बड़े स्तर मं घलो ये काम करथे?’ काम जाने वाला मनखे ल खाली प्रणाम ले जादा काम के गहराई भाथे।
सच्चा रेफरल मीठ गोठ ले नइ, बल्कि ए भरोसा ले मिलथे कि कहूँ तोर नाम आगू बढ़ाय जाही त तैं काम मं कभू मुड़ी नीचे नइ होवन देस।
सात दिन के एक छोटे प्रयोग: बिना कुछ मांगे एक उपयोगी संदेश
ए हफ्ता अपन मन ले नकलीपन के डर निकाले बर एक एकदम छोटे प्रयोग करव। अपन फोन या लैपटॉप खोलव अउ अइसन एक मनखे ल चुनव जेकर काम के आप सच मं आदर करथव—ओ ह आपके पुराना दफ्तर के सीनियर हो सकथे, कॉलेज के कोनो जानकार हो सकथे या आपके क्षेत्र मं काम करइया कोनो पेशेवर। ओला पांच-छै लाइन के एक संदेश भेजव जेमं तीन बात साफ होवय: पहिली, ओकर हाल के कोनो काम या पोस्ट के कोन सी एक बात आपके काम आइस; दूसर, ओ बात ल आप अपन रोज के काम मं कइसे लगाके देखत हव; अउ तीसर, कोनो एक उपयोगी जानकारी या लिंक जेन ओकर काम के हो सकथे। सबले जरूरी नियम—ए पूरा संदेश मं न अपन बायोडाटा नत्थी करव, न नौकरी के जिकर करव, अउ न ही कोनो मदद मांगव। सिरिफ बात रखके छोड़ देवव। आप देखहू कि जब मांग के बोझ हट जाथे, त गोठियाना कतका हलका अउ सच्चा हो जाथे।
कम गोठियाय वाला मनखे मन बर चार सहज आदत
- महीना मं सिरिफ दू झन पुराना सहकर्मी या संगवारी ल ओमन के काम के हालचाल पूछे बर छोट संदेस भेजव, ताकि संपर्क सिरिफ मुसीबत के बेरा झन जागय।
- जब कोनो जूनियर या संगवारी काम मं अटकय, त दस मिनट देके ओकर मदद कर देवव; आज के छोटे सहारा काल्ह दूसर कंपनी मं आपके सबले पक्का परिचय बनथे।
- अपन काम के तीन-चार असली उदाहरण (जइसे समय बचाय, गलती घटाय या ग्राहक संभाले के किस्सा) एक पन्ना मं साफ लिख के रखव, ताकि जरूरत परे मं काम खुद बोलय।
- कहूँ कोनो ले रेफरल मांगना ही हे, त ओकर ऊपर बोझ झन डालव; पद के लिंक, अपन अनुभव के तीन मुख्य बिंदु अउ बायोडाटा एक संग साफ-सुथरा भेजव अउ लिखव कि कहूँ ओला उचित लगय तभे आगे बढ़ावय।
जब रेफरल मांगे के बेरा आवय, त संकोच के बदला स्पष्टता रखव
छै महीना या साल भर जब आप अइसन कामकाजी संपर्क मं रहिथव, त रेफरल मांगना भीख मांगे जइसे नइ लगय। ओ बेरा आप सीधा लिख सकथव: ‘भइया, तुंहर कंपनी मं इन्वेंटरी एनालिस्ट के पद खाली दिखे हे। मैं पिछला तीन बछर ले एही सॉफ्टवेयर मं काम करत हंव अउ अपन काम के संक्षिप्त ब्यौरा संग भेजत हंव। कहूँ आप ल मोर अनुभव ए काम के लइक लगय, त का आप रेफर कर सकहू? कहूँ अभी संभव नइ होही तभो कोनो बात नइ।’ अइसन साफ अउ सम्मानजनक बात मं सामने वाला ल घलो मान मिलथे अउ आपका आत्मसम्मान घलो पूरा बचथे।
वैदिक जोतिस मं एकादश भाव, बुध अउ कर्म के संबंध
वैदिक जोतिस मं कुंडली के दसवां भाव कर्म अउ आजीविका ल देखाथे, ग्यारहवां भाव (लाभ भाव) बड़े समाज, सहयोगी मंडल अउ कर्म ले मिलइया फल ल देखाथे, अउ तीसरा भाव संवाद अउ खुद के पहल ल देखाथे। बुध ग्रह ल वाणी, कौशल अउ सार्थक संपर्क के कारक माने गे हे, जबकि शनि देव गंभीर अउ टिकाऊ मेहनत के प्रतीक अंय। जब विंशोत्तरी दशा या अंतर्दशा मं दशम या एकादश भाव के ग्रह सक्रिय होथें, या गोचर मं गुरु के दृष्टि कर्म अउ लाभ भाव ऊपर परथे, त मनखे के पुराना संबंध अउ काम के साख नवा अवसर खोले मं मदद करथे। जइसे खराब राशिफल पढ़के अपन तय काम अउ भेंट ल रद्द कर देना समझदारी नोहय, वइसनेच अपन शांत स्वभाव ल कमजोरी मान के अवसर ले पाछू हटना घलो ठीक नोहय। आप अपन जन्म-पत्री ल निःशुल्क कुंडली पन्ना मं देख सकथव, अउ अपन चार्ट के हिसाब ले आजीविका के चरण समझे बर Astro Ratan के करियर जोतिस मार्गदर्शिका देख सकथव। Astro Ratan एक AI वैदिक जोतिसी आय जेन आपके सही डिग्री के चार्ट पढ़के छत्तीसगढ़ी समेत भारतीय भाखा मन मं मार्गदर्शन देथे।
गिरधारी के भेजे एक डेटा-शीट अउ रायपुर ले आए फोन
गिरधारी ह ओ रतिहा अनजान सीनियर ल रेफरल के भीख नइ मांगिस। ओकर बदला ओ ह अपन पुराना ऑडिटर आनंद भइया ल सुरता करिस, जेन अब रायपुर के एक बड़े एग्रो-लॉजिस्टिक्स कंपनी मं काम करत रहिस। आनंद भइया ह हफ्ता भर पहिली गोदाम मं बारकोड मिलान के दिक्कत ऊपर एक पोस्ट लिखे रहिस। गिरधारी ह अपन बनाय एक सरल एक्सेल टेम्पलेट ओला भेजिस अउ लिखिस कि अभनपुर के गोदाम मं ए फॉर्मूला ले हमर गिनती के गलती रुक गे हे, आप एक बेर देख लेवव। आनंद भइया ह दूसर दिन फोन करके बीस मिनट ओ फॉर्मूला ऊपर बात करिस। ठीक डेढ़ महीना बाद जब ओ कंपनी मं सीनियर डेटा कोऑर्डिनेटर के जगह खुलिस, त आनंद भइया ह खुद फोन करके कहिस—‘गिरधारी, अपन बायोडाटा भेज, मैं हेड ऑफिस मं तोर काम के जिकर पहिलीच कर दे हंव।’ गिरधारी ल एको शब्द झूठ नइ बोले बर परिस; ओकर काम के सचाई ह ही ओकर पहिचान बन गे।
Key takeaways
- रेफरल के असली मतलब चापलूसी नोहय; ओकर मतलब हे कि कोनो मनखे आपके काम के अनुशासन ल देखके आप ऊपर भरोसा कर सकय।
- जब जरूरत परे तभे अचानक संदेश भेजना सौदा जइसे लगथे, फेर काम के बीच मं छोटे सहयोग करना स्वाभाविक संबंध बनाथे।
- भीड़ भरे सेमिनार मं पचास झन ले हाथ मिलाय के बदला अपन क्षेत्र के तीन-चार गंभीर मनखे संग काम के बात करना जादा फल देथे।
- बिना कोनो मांग के कोनो के काम या लेख के एक ठोस बात ऊपर सराहना भेजे ले बातचीत के दरवाजा सहज रूप ले खुलथे।
जेन संगवारी काम मं होशियार हे फेर दिखावा अउ चापलूसी नइ कर पावय, ओला ये लेख जरूर पढ़ावव।
अपन कुंडली के दशम-एकादश भाव अउ चलत दशा के हिसाब ले करियर के समय समझना चाहथव? Astro Ratan मं अपन चार्ट देखव।
