प्रत्येक पहिल मसौदा AI सँ लिखबैत छी — की हमर अपन अबाज धीरे-धीरे हेरा रहल अछि?
गति आ सोचबाक अभ्यासक बीच एकटा ईमानदार हिसाब, आ एकटा प्रयोग जे बताओत जे अहाँक शब्द मे अहाँ कतेक बचल छी।
Direct answer
AI सँ पहिल मसौदा लिखाएब अपने-आप मे अबाज नहि छीनैत अछि, मुदा जँ सोचबाक काज सेहो ओकरे सौंपि दी तँ अहाँ दोसराक विचारक सम्पादक बनि कऽ रहि जाइत छी। उपाय ई जे महत्वपूर्ण अनुच्छेद पहिने बिना AI लिखू, फेर AI सँ मात्र आलोचना करबाउ, आ जाँचू जे कोन बदलाव अहाँ बुझा सकैत छी आ कोन नहि।
सेक्टर बासठिक बक्सा मे एकटा डायरी
नोएडाक सेक्टर बासठि मे फ्लैट बदलैत काल अनुपमा झा केँ एकटा पुरान डायरी भेटलनि। उनतीस वर्षक अनुपमा फ्रीलांस कंटेंट राइटर छथि, छओ टा क्लाइंटक काज सम्हारैत छथि, जाहि मे एकटा मिथिला पेंटिंगक ब्रांड सेहो अछि। डायरीक एकटा पन्ना पर उन्नैस वर्षक अनुपमा सीतामढ़ी मे अपन नानीक आँगनक बारे मे लिखने छलीह: गोबर सँ नीपल भीत पर कोहबरक माछ आ कछुआ, जकर रंग बरखा मे कनेक बहि गेल छल, आ नानी जे कहैत छलीह, “रंग बहि गेल तँ की, माछ तँ एखनो पानिए दिस जा रहल अछि।” अनुपमा बक्सा पर बैसि कऽ ई पन्ना दू बेर पढ़लनि।
दू अनुच्छेद, एकटा प्रश्न
ओही साँझ ओ पेंटिंग ब्रांडक एहि सप्ताहक न्यूजलेटर खोललनि, जकर पहिल मसौदा AI लिखने छल आ ओ मात्र चिक्कन कएने छलीह: “मिथिलाक कालातीत कला, जीवन्त परम्परा आ समृद्ध विरासतक एकटा अनुपम संगम।” वाक्य मे कोनो गलती नहि छल। मुदा अनुपमा दूनू अनुच्छेद जोर सँ पढ़लनि आ चुप भऽ गेलीह। डायरी वला अनगढ़ छल, व्याकरण कतहु-कतहु लड़खड़ाइत छल, मुदा ओहि मे एकटा आँगन छल, एकटा भीत, एकटा नानी। न्यूजलेटर वला ककरो ब्रांडक भऽ सकैत छल, कोनो शहरक, कोनो वर्षक। सभ सँ बेसी डर एहि बात सँ लगलनि जे पहिने ओ तुरन्त नहि कहि सकलीह जे कोन अनुच्छेद हुनकर बेसी अछि।
गति की बचबैत अछि, आ की दाम लैत अछि
AI सँ पहिल मसौदा लिखाएब अनुपमाक लेल आलस नहि, जीविका छल। छओ क्लाइंट, प्रत्येक सप्ताह बीस सँ बेसी पोस्ट, आ एसगर काज। गति हुनकर आमदनी, डेडलाइन आ राति मे नीन बचबैत छल। मुदा गतिक एकटा नुकाएल दाम अछि। पहिल मसौदा मात्र लिखबाक काज नहि, सोचबाक काज थिक: की कहब, कोन उदाहरण सँ, कोन बात छोड़ब। जखन ई सभ पहिने सँ तैयार भेटैत अछि तँ अहाँक निर्णय छोट भऽ जाइत अछि: ई वाक्य राखू वा हटाउ। मासक मास एना चललाक बाद ओ मांसपेशी कमजोर भऽ सकैत अछि जे खाली पन्ना पर पहिल शब्द तकैत अछि।
अबाज कतऽ रहैत अछि
लोक सोचैत अछि जे अपन अबाज माने कठिन वा सुन्दर शब्द। असल मे अबाज तीन ठाम रहैत अछि: अहाँक देखल विशिष्ट बात (नीपल भीत, बहल रंग), अहाँक अपन तुलना जे आन केओ नहि करत (माछ जे एखनो पानि दिस जा रहल अछि), आ अहाँक मत, जे कखनो-कखनो असुविधाजनक होइत अछि। AI सामान्य रूप सँ सभ सँ सम्भावित शब्द चुनैत अछि, तेँ ओकर मसौदा औसत दिस झुकैत अछि। ई अधलाह नहि, बस अहाँक नहि। किछु संकेत जे अहाँक अबाज पाछाँ छूटि रहल अछि:
- अहाँ कोनो वाक्य पर अटकि जाइत छी जखन केओ पूछैत अछि, “ई बात एतऽ किएक?”
- अहाँक अलग-अलग क्लाइंटक लेख एक्के ढंग सँ शुरू होइत अछि।
- अहाँ AI तखन खोलैत छी जखन अहाँ केँ अखन बूझल नहि जे अहाँ की सोचैत छी।
- पुरान लिखल पढ़ि कऽ लगैत अछि जे ओ केओ आन लिखने छल।
जे प्रमाण अखन अहाँ लग नहि अछि
एहि डर केँ पूरा सत्य मानबा सँ पहिने ईमानदारी सँ देखू जे की बूझल नहि अछि। की अहाँक पाठक सत्ते अन्तर देखि रहल छथि, वा मात्र अहाँ? की सभ प्रकारक लेखन मे अहाँक अबाज चाही? बिल, औपचारिक मेल, उत्पादक विवरणक सूची मे व्यक्तिगत अबाजक मोल कम अछि, आ ओतऽ AI बचल समय अहाँ केँ दैत अछि। अबाज ओतऽ चाही जतऽ पाठक एकटा मनुष्य सँ भेंट करय अबैत अछि: कथा, मत, न्यूजलेटरक पहिल अनुच्छेद, कोनो क्लाइंटक लेल एकटा प्रस्ताव। एहि दूनू केँ अलग करब पहिल काज अछि।
प्रयोग: पहिने अहाँ, फेर आलोचक
अनुपमा अगिला सप्ताहक न्यूजलेटरक पहिल अनुच्छेद लेल एकटा नियम बनौलनि। अहूँ एकरा कोनो एक महत्वपूर्ण अनुच्छेद पर आजमा सकैत छी।
- फोन आ ब्राउजर बन्द कऽ कऽ बीस मिनट मे एकटा अनुच्छेद हाथ सँ वा सादा फाइल मे लिखू, भले अनगढ़ हो।
- फेर AI केँ ओ अनुच्छेद दिअ आ मात्र कहू: “एकरा दोबारा नहि लिखू, बस बताउ जे कतऽ अस्पष्ट अछि आ कतऽ व्याकरण गलत।”
- प्रत्येक सुझाव पर अपना सँ पूछू: की हम बुझा सकैत छी जे ई बदलाव किएक नीक अछि?
- जे बदलाव बुझा सकी से मानू; जे मात्र “बेसी चिक्कन” बुझाय, से छोड़ू।
- अन्त मे पुरान AI मसौदा आ नव अनुच्छेद केँ संग राखि जोर सँ पढ़ू।
जे वाक्य AI काटय चाहैत छल
अनुपमा एकटा चित्रकारक हाथक बारे मे लिखलनि, जे मधुबनीक जितवारपुर मे रोज भोर मे बाँसक कलम सँ रेखा खींचैत छथि आ कहैत छथि जे सीधा रेखा सभ सँ कठिन होइत अछि। AIक आलोचना मे दू टा व्याकरणक सुधार छल, जे ओ मानि लेलनि। तेसर सुझाव छल जे “बाँसक कलम आ भोरक पहिल रेखा” वला वाक्य “बेसी विशिष्ट” अछि आ हटा देल जाय। अनुपमा हँसलीह। ठीक वैह वाक्य ओ चीज छल जे कोनो आन ब्रांडक न्यूजलेटर मे नहि भेटैत। ओ ओकरा रखलनि। ओहि सप्ताह दू टा पाठक उत्तर मे ओही वाक्यक चर्चा कएलनि।
सौंपब आ बचाएब: एकटा मोटा-मोटी बँटवारा
ई प्रयोग AI छोड़बाक लेल नहि, ओकर जगह ठीक करबाक लेल अछि। जे काज दोहराओल जाइत अछि आ जकर मापदंड साफ अछि, जेना हैशटैगक सूची, मेलक औपचारिक ढाँचा, लम्बा लेखक सारांश, से AI केँ दिअ। जे काज मे अहाँक देखल, अहाँक मत वा अहाँक सम्बन्ध चाही, से पहिने अपने लिखू आ AI केँ मात्र दोसर आँखि बनाउ। सप्ताह मे एको टा अनुच्छेद बिना मददक लिखब सोचबाक मांसपेशी केँ जीवित रखैत अछि, जेना बैसल काज करय वला लोक लेल साँझक टहलब।
करियरक दिशा आ समय
कतेको लेखक एहि मोड़ पर करियरक पैघ प्रश्न सेहो पूछैत छथि: फ्रीलांस चलाबी वा नोकरी पकड़ी, लेखन मे रही वा आन दिस जाइ। वैदिक ज्योतिष मे विंशोत्तरी दशा जीवनक अवधि सभ केँ ग्रहक अनुसार बाँटैत अछि, आ कुंडली ओहि अवधिक प्रवृत्ति पर सोचबाक एकटा दृष्टि दऽ सकैत अछि। मुदा कोनो ग्रह ई तय नहि करैत अछि जे अहाँक वाक्य अहाँक अछि वा नहि। अपन सटीक जन्म-विवरणक संग करियरक प्रश्न करियर ज्योतिष पर Astro Ratan सँ पूछि सकैत छी, जे एकटा AI वैदिक ज्योतिषी अछि। काजक जिम्मेदारी भेटय मुदा निर्णयक अधिकार नहि, तँ ई लेख सेहो पढ़ू: जिम्मेदारी बिना अधिकार।
AI अहाँक वाक्य चिक्कन कऽ सकैत अछि; मुदा अहाँक नानीक आँगन मात्र अहीं देखने छी।
नव फ्लैटक पहिल देबाल
नव फ्लैट मे सामान खोललाक बाद अनुपमा ओ डायरीक पन्ना फोटो खींचि कऽ अपन लैपटॉपक बगल मे देबाल पर साटि देलनि। ई कोनो प्रतिज्ञा नहि छल जे आब कहियो AI नहि छुअब। ई मात्र एकटा ऐना छल, जाहि मे प्रत्येक सप्ताह ओ देखि सकथि जे हुनकर लिखल मे एखनो कोनो आँगन, कोनो भीत, कोनो नानी बचल अछि वा नहि।
Key takeaways
- पहिल मसौदा ओ जगह थिक जतऽ सोच बनैत अछि; ओकरा सौंपि देला पर अहाँक काज मात्र “हँ” वा “नहि” कहब रहि जाइत अछि।
- अबाज शब्दकोश मे नहि, अपन देखल-सुनल विशिष्ट बात, अपन अजगुत तुलना आ अपन मत मे बसैत अछि।
- सभ लेखन मे अपन अबाज चाही से नहि; बिल, औपचारिक मेल आ सूची AI केँ सौंपल जा सकैत अछि।
- प्रयोग: एकटा महत्वपूर्ण अनुच्छेद बिना AI लिखू, AI सँ मात्र आलोचना करबाउ, आ जे बदलाव बुझा नहि सकी से नहि मानू।
जे संगी रोज AI सँ लिखैत अछि आ कहैत अछि जे आब ओकरा अपन लिखल अपरिचित लगैत अछि, ओकरा ई प्रयोग पठाउ।
करियरक मोड़ पर ठाढ़ छी? अपन सटीक कुंडलीक संग अपन प्रश्न पूछू, आ उत्तर पर अपन विवेक सँ सोचू।
