डेटिंग ऐप अहाँ केँ बदलि देल जाय वला चीज बना देलक? अपन मनुष्यता घुराउ
स्वाइप करैत-करैत जिज्ञासा कतऽ हेरा जाइत अछि, आ सात दिनक विरामक बाद एकटा उद्देश्य, एकटा सीमा आ एकटा कसौटीक संग कोना घुरब।
Direct answer
डेटिंग ऐप पर बदलि देल जाय वला भाव प्रायः तखन अबैत अछि जखन हम सेहो दोसर केँ पत्ता जकाँ बदलय लगैत छी। विकल्पक भीड़ नीक अछि, मुदा ध्यानक बिना कोनो सम्बन्ध नहि बनैत अछि। सात दिन ऐप बन्द करू, फेर एकटा स्पष्ट उद्देश्य, दिनक एकटा सीमा आ एकटा गुणवत्ताक कसौटी लऽ कऽ घुरू, आ एक समय मे कम लोक सँ असल गप्प करू।
येलो लाइन, सात स्टेशन, छओ संदेश
गुरुग्रामक हुडा सिटी सेंटर सँ मेट्रो चलल आ रिचा लालक अँगुठा स्क्रीन पर चलय लागल। अट्ठाइस वर्षक रिचा एकटा डिजाइन कम्पनी मे काज करैत छथि, घर झंझारपुर। सात स्टेशन मे ओ छओ मैच केँ एक्के संदेश पठौलनि, कॉपी आ पेस्ट: “हाय, सप्ताह केहन चलि रहल अछि?” फेर बिना सोचने बीस-पच्चीस प्रोफाइल बाम-दहिन कएलनि, जेना बस मे बैसल लोक बाहरक होर्डिंग देखैत अछि, पढ़ैत नहि। सुल्तानपुर पहुँचैत-पहुँचैत एकटा जवाब आएल।
“हम सभ पिछला मंगल गप्प कएने छलहुँ”
जवाब छल: “रिचा, हम सभ पिछला मंगल गप्प कएने छलहुँ। अहाँ अपन बाबूजीक आमक गाछी आ झंझारपुरक बाढ़िक बारे मे कहने छलहुँ।” रिचा प्लेटफार्म पर ठाढ़ रहि गेलीह। ओ बात ओ ककरो नहि कहैत छथि, आ कहलाक सात दिन मे बिसरि गेल छलीह जे ककरा कहलनि। जे चीज हुनका ऐप पर सभ सँ बेसी दुखबैत छल, जे केओ हुनका मोन नहि रखैत अछि, सैह ओ स्वयं कऽ रहल छलीह। ओहि साँझ पहिल बेर हुनका लागल जे समस्या मात्र दोसर लोक मे नहि छल।
विकल्पक भीड़ आ मनुष्यक ध्यान
डेटिंग ऐप किछु वास्तविक चीज बचबैत अछि। विकल्प अहाँ केँ ककरो संग मजबूरी मे बान्हल रहबा सँ बचबैत अछि, अपन शहर, जाति आ परिचयक घेरा सँ बाहरक लोक सँ भेंट करबैत अछि, आ खराब व्यवहार वला सँ तुरन्त दूर होएबाक सुविधा दैत अछि। मुदा एहि भीड़क दाम सेहो अछि। जखन सदिखन आओर विकल्प एक स्वाइप दूर हो, तखन सोझाँक व्यक्ति एकटा पत्ता बनि जाइत अछि, आ धीरे-धीरे अहाँ अपनो केँ पत्ता जकाँ देखय लगैत छी। जिज्ञासा थाकि जाइत अछि। आ जे प्रमाण रिचा लग नहि छल, से ई जे ओ असल मे की ताकि रहल छथि। ऐप ई बतबैत अछि जे के उपलब्ध अछि, ई नहि जे अहाँ केँ के चाही।
थकानक किछु चेन्ह
- प्रोफाइल पढ़ने बिना मात्र फोटो देखि कऽ निर्णय।
- सभ केँ एक्के शुरुआती संदेश, आ ककर संग की गप्प भेल से मोन नहि।
- मैच भेटला पर खुशी नहि, एकटा आओर काज जकाँ लागब।
- गप्प आगाँ बढ़य तँ घबराहटि, आ चुपचाप गायब भऽ जाएब।
- ऐप बन्द कएलाक बाद अपना केँ पहिने सँ बेसी खाली आ कम मूल्यवान अनुभव करब।
सात दिनक विराम, फेर तीन नियम
सात दिन लेल ऐप फोन सँ हटा दिअ, डिलीट करबाक जरूरत नहि, बस होम स्क्रीन सँ दूर। ओहि सात दिन मे मेट्रोक समय कोनो किताब, संगीत वा खिड़की केँ दिअ। आठम दिन घुरबा सँ पहिने तीन बात कागज पर लिखू। रिचा एना लिखलनि।
| नियम | प्रश्न | रिचाक उत्तर |
|---|---|---|
| एकटा उद्देश्य | हम एतऽ की ताकि रहल छी? | गंभीर सम्बन्धक संभावना, टाइमपास नहि |
| एकटा सीमा | कतेक समय आ कतेक गप्प? | दिन मे बीस मिनट, एक समय मे तीन सँ बेसी गप्प नहि |
| एकटा कसौटी | कोन गुण बिना हम आगाँ नहि बढ़ब? | जे व्यक्ति हमरा सँ कम सँ कम एकटा असल प्रश्न पुछय |
जिज्ञासा घुरेबाक छोट उपाय
प्रत्येक प्रोफाइल पूरा पढ़ू, आ पहिल संदेश मे ओहि मे लिखल कोनो एक बात पर प्रश्न पूछू। कॉपी-पेस्ट बन्द। फोन मे एकटा छोट नोट राखू जाहि मे प्रत्येक गप्पक एक-दू बात लिखल हो, कोनो रणनीतिक लेल नहि, सम्मानक लेल। गति धीमा करू: दू दिन मे जवाब देब अपराध नहि, मुदा बीच मे गायब भऽ जाएब दोसर केँ ओहे चोट दैत अछि जे अहाँ केँ लगैत अछि। जँ आगाँ नहि बढ़बाक हो तँ एक पाँति लिखि दिअ: “अहाँ सँ गप्प नीक लागल, मुदा हमरा नहि लगैत अछि जे हम सभ एक दिशा मे छी।”
अस्वीकार अहाँक मूल्य नहि नापैत अछि
ऐप पर केओ जवाब नहि देलक, वा तीन गप्पक बाद गायब भऽ गेल, तँ ओ एकटा अजनबीक व्यस्तता, डर वा अपन थकान भऽ सकैत अछि। ओ अहाँक मूल्य पर कोनो फैसला नहि। मुदा जखन सैकड़ो छोट अस्वीकार एक संग जमा होइत अछि, तँ ओ भारी लगय लगैत अछि, आ ई बुझब स्वाभाविक अछि। अपन मूल्यक प्रमाण ऐपक बाहर ताकू: ओ संगी जे अहाँक फोन उठबैत अछि, ओ काज जाहि मे अहाँ नीक छी, ओ परिवार जे अहाँक बाट तकैत अछि।
जखन असगरपन बेसी भारी हो
जँ डेटिंगक थकान असगरपन मे बदलि गेल अछि, नीन आ भूख पर असर पड़ि रहल अछि, वा बेर-बेर ई विचार अबैत अछि जे अहाँ केँ केओ नहि चाहैत अछि, तँ एकरा चुपचाप नहि सहू। कोनो संगी सँ गप्प करू, वा Tele-MANAS पर 14416 (1-800-891-4416) डायल करू; ई निःशुल्क अछि, चौबीसो घंटा चलैत अछि आ भारतीय भाषा सभ मे गप्प होइत अछि। कोनो तत्काल खतरा हो तँ 112। आ जखन कोनो ऑनलाइन परिचित सँ पहिल बेर भेंट होअय, तँ सार्वजनिक जगह चुनू आ कोनो संगी केँ बता कऽ जाउ।
कुंडली आ डेटिंग
किछु लोक थाकि कऽ पूछैत छथि जे हमर बियाहक योग कहिया अछि, वा कोन मैच हमर लेल सही। कोनो कुंडली ई नहि कहत जे ऐप पर कोन प्रोफाइल अहाँक जीवनसाथी अछि, आ कोनो ईमानदार ज्योतिष बियाहक तारीखक गारंटी नहि दैत अछि। अपन कुंडली सँ अपन सम्बन्धक स्वभाव आ चलि रहल दशाक प्रवृत्ति पर सोचल जा सकैत अछि, आ ककरो संग मिलान तखने जखन ओ व्यक्ति अपन सहमति सँ अपन विवरण देथि। एहन प्रश्न प्रेम ज्योतिष पर Astro Ratan सँ पूछि सकैत छी, जे एकटा AI वैदिक ज्योतिषी अछि। सगाई भेलाक बाद अचानक आएल शंका पर ई लेख सेहो देखू: सगाई तय, मुदा मोन मे शंका।
जे व्यक्ति अहाँक बाबूजीक आमक गाछी मोन रखैत अछि, ओ पत्ता नहि, मनुष्य थिक; आ अहूँ।
आठम दिनक पहिल संदेश
सात दिनक बाद रिचा ऐप फेर खोललनि, मुदा पहिल संदेश कोनो नव मैच केँ नहि गेल। ओ ओहि व्यक्ति केँ लिखलनि जे आमक गाछी मोन रखने छल: “माफी चाहैत छी, ओहि दिन हम अहाँ केँ बिसरि गेल छलहुँ। ई हमर थकान छल, अहाँक कोनो दोष नहि। अहाँक गाम मे सेहो आम होइत अछि?” जवाब आएल, एकटा हँसैत इमोजी आ मधेपुराक मालदहक लम्बा वर्णन। आगाँ की होएत, से केओ नहि जानैत अछि। मुदा ओहि साँझ मेट्रो मे रिचाक अँगुठा चलल नहि, रुकल रहल, आ ओ एकटा गप्प पूरा पढ़लनि।
Key takeaways
- जखन हम दोसर केँ पत्ता जकाँ पलटैत छी, तखन अपनो केँ पत्ता जकाँ अनुभव करय लगैत छी।
- ऐप ई बतबैत अछि जे के उपलब्ध अछि; ई नहि जे अहाँ केँ के चाही। ओ प्रश्न अहीं केँ पूछय पड़त।
- सात दिनक विरामक बाद एकटा उद्देश्य, एकटा सीमा आ एकटा कसौटी लऽ कऽ घुरू।
- एक समय मे तीन सँ बेसी गप्प नहि, आ प्रत्येक गप्प मे कम सँ कम एकटा असल प्रश्न।
जे संगी मेट्रो मे बिना देखने स्वाइप करैत अछि आ कहैत अछि जे ओकरा आब किछु नीक नहि लगैत, ओकरा ई सात दिनक विराम पठाउ।
सम्बन्धक अपन प्रश्न अपन सटीक कुंडलीक संग पूछू, आ ककरो संग मिलान मात्र हुनक सहमति सँ करू।
