मारवाड़ी
Body dignity & boundariesमारवाड़ी

एक ब्याव री सिंझ्या, अर सरीर माथै दस टिप्पणियां

पाली रै एक ब्याव में दस टिप्पणियां, एक पंदरै बरस री छोरी री पाछी सरकायोड़ी थाळी, अर दस सबदां री एक लाइन जिकी घाव नै रोकै।

2026-11-09 6 min · 1,414 words

Direct answer

रिस्तेदारां री सरीर माथै टोका-टाकी घणी बार फिकर री भासा में आवै, पण जद बा सगळां सामै, बार-बार अर ब्याव सूं जोड़'र आवै, तो बा सरमिंदगी है। दस-बारह सबदां री एक सांत लाइन पैलां सूं तैयार राखो, एक बार बोलो, अर बात पाछी आवै तो उठ जावो। अर जिका टाबर खुद कोनी बोल सकै, बांरै सारू बोलो।

पाली रो नोहरो अर पैलो ताणो

पाली में मामोसा रै घरै ममेरी बैन रो ब्याव है, अर नोहरै में मेहंदी री सिंझ्या ढोल बाजै। उणतीस बरस री रेखा अहमदाबाद सूं दो दिन री छुट्टी लेय'र आई है। दरवाजै में पग धर्या ई हा कै भूवासा गळै लगा'र कैयो, 'अरै, थूं तो घणी फूलगी, इयां ब्याव कियां व्हेसी?' दस मिनट पछै मामीसा: 'धूप में घणी घूमै कांई, कित्ती काळी पड़गी।' भाभी हंस'र बोली, 'थारा बाल तो घणा झड़ग्या।' नौ बजतां-बजतां रेखा मन में गिणती कर ली ही: दस टिप्पणियां, न्यारा-न्यारा मूंडा, अर हर एक री सरुआत 'थारी फिकर है इण सारू कैवां'। पछै जीमण री पंगत में उण सुण्यो कै काकीसा पंदरै बरस री तनु नै कैय रैया हा, 'मिठाई छोड दे, थूं ई दीदी री गैल मोटी व्है री है।' तनु आपरी थाळी पाछी सरका दी। रेखा छत माथै जाय'र बैठगी, जठै कोई कोनी हो।

फिकर री भासा में लपेट्योड़ी सरम

आ टोका-टाकी सगळां सूं भारी इण सारू लागै कै बा प्रेम रै कपड़ै में लपेटीजी आवै: 'थारी भलाई सारू कैवां', 'आपां घर रा हां, बारला थोड़ा ई कैसी'। इण सारू जवाब देवणो बेअदबी लागै, अर चुप रैवणो भीतर घाव करै। ओ ई समझणो जरूरी है कै घणा रिस्तेदार माड़ै मन सूं कोनी बोलै; बांरी पीढ़ी में सरीर, रंग अर ब्याव री बात खुली पंगत में व्हेती आई है। पण मन माड़ो कोनी व्है, इणसूं टिप्पणी रो घाव कम कोनी व्है। किणी री नीयत अर उणरी बात रो असर, दोनूं अलग तौलणा पड़ै।

फिकर अर सरमिंदगी: फरक कठै दीखै

दोनूं पासां री आपरी बात है। फिकर री भासा रिस्तेदारां नै ओ भरोसो देवै कै बै परिवार रो हिस्सो है अर किणी री सेहत देखै; सरमिंदगी री कीमत आ है कै जिणनै कैयो, बो फंक्शन सूं, थाळी सूं अर आरसी सूं बचण लागै।

निसाणीसांची फिकरसरमिंदगी
कठै कैयोएकलै में, धीमै सुर मेंसगळां सामै, हंसी रै सागै
कित्ती बारएक बार, पछै बात छोड दीहर फंक्शन, हर मिलणै में
बात किणरीसेहत, नींद, थकावटरंग, डील-डौल, 'ब्याव कियां व्हेसी'
पछै कांई'कोई मदद चाहिजै तो बताजै'सलाह, तुलना अर फैसलो

दस सबदां री एक सींव

जवाब लांबो व्हेणो जरूरी कोनी; लांबो जवाब बहस बण जावै। दस-बारह सबदां री एक लाइन पैलां सूं तैयार राखो, अर सांत, सीधै सुर में बोलो। थोड़ा दाखला:

  • म्हारै सरीर री बात छोडो, भूवासा; ब्याव री तैयारी री बात करां।
  • फिकर सारू धन्यवाद, सेहत री बात म्हैं डॉक्टर सूं कर लेस्यूं।
  • म्हारो रंग जियां है, ठीक है; थे आ मिठाई चाखो।
  • म्हारै ब्याव री फिकर म्हारी है, म्हैं संभाळ लेस्यूं।
  • टाबरां सामै सरीर री बात मत करो, बांनै चोखो कोनी लागै।

बात दुबारा आवै तो उठ जावो

सींव री लाइन एक बार बोलो। जे बो ई मिनख बा ई बात पाछी छेड़ै, तो दूजी बार समझावण री जरूरत कोनी; 'म्हैं रसोई में मदद कर आवूं' कैय'र उठ जावो, या ढोल माथै नाचणियां में जाय'र रळ जावो। फंक्शन सूं पैलां ई तय कर लेवो कै थांरी बचण री जगां कठै है: कोई भाई-बैन जिणरै कनै ऊभा रैवो, कोई काम जिको थे संभाळ लेवो। प्रयोग सीधो है: फंक्शन सूं पैलां आपरी दस सबदां री लाइन दो-तीन बार जोर सूं बोल'र देखो, जिणसूं बगत आयां सुर कोनी कांपै। अर रात नै फोन में लिख लेवो कै आखै दिन में लाइन कित्ती बार बोलणी पड़ी अर कद उठणो पड़्यो।

जिका खुद कोनी बोल सकै, बांरी ढाल बणो

फंक्शन में सगळां सूं घणो घाव बांनै लागै जिका पलट'र कीं कोनी कैय सकै: किशोर टाबर, नवी बीनणी, बीमारी सूं उठ्योड़ो कोई मिनख, या जिको ब्याव री बात सूं पैलां ई दबाव में है। जद तनु नै कोई टोकै, तो रेखा जैड़ी मोटी बैन सीधी बीच में आ सकै: 'काकीसा, तनु रो खावणो उणरी मरजी है।' पछै टाबर नै एकलै में कैवो कै थारो सरीर थारो है, अर किणी री बात सूं थाळी छोडण री जरूरत कोनी। अर जे थे इसा रिस्तेदार हो जिणनै सांचाणी किणी री सेहत री फिकर है, तो एकलै में, एक बार, फगत मदद री बात करो; उणनै ब्याव सूं मत जोड़ो।

टेवो, मंगळ अर डील-डौल

कदै-कदै आ टोका-टाकी ज्योतिष रो कपड़ो ई पैर लेवै: 'इणरी कुंडली में मंगळ है, ऊपर सूं इत्ती मोटी, ब्याव में देर तो व्हेसी ई।' आ बात दोनूं पासां सूं गलत है। कोई ग्रह किणी रो सरीर माड़ो या ब्याव रै लायक कम कोनी बणावै। मंगळ दोस लग्न सूं पैलै, चौथै, सातवैं, आठवैं या बारहवैं भाव में मंगळ सूं जोड़्यो जावै, शास्त्र में इणरा घणा परिहार बताया है, अर ओ कदै ई ब्याव री रोक कोनी; चावो तो मंगळ दोस री जांच खुद कर'र देखो। थांरी कुंडली थांरी मंजूरी सूं ई खुलणी चाहिजै, किणी री जिज्ञासा सूं कोनी। Astro Ratan जैड़ी रोज री निजी दिसा थांरै दिन री तैयारी में साथ दे सकै, पण थांरै सरीर माथै फैसलो कोई ग्रह कोनी सुणावै।

फिकर एकलै में आवै अर मदद पूछै; सरमिंदगी सगळां सामै आवै अर फैसलो सुणावै।

जद आरसी सूं डर लागण लागै

कदै-कदै ऐ टिप्पणियां फंक्शन पछै ई लारो कोनी छोडै। जे थे खावणो छोडण लाग्या हो, खाय'र पछतावो व्है, आरसी देखणो टाळो, या किणी फंक्शन रो नाम सुण'र ई मन भारी व्है जावै, तो आ बात किणी डॉक्टर या काउंसलर सूं करो। Tele-MANAS हेल्पलाइन 14416 या 1-800-891-4416 माथै बिना पईसा, दिन-रात, थांरी भासा में मदद मिलै। खुद नै नुकसान पुगावण रा विचार आवै या किणी री जान माथै बण आवै, तो 112 माथै फोन करो। अर जे थे सगळां नै संभाळो पण थांरी कोई कोनी पूछै, तो मजबूत दोस्त री फिकर री बात ई पढ़ो।

फेरां रो दिन

दूजै दिन जीमण में भूवासा पाछी बात छेड़ी: 'रेखा, थोड़ो कम खाया कर, छोरै वाळा देखसी।' रेखा रात वाळी लाइन मन में दो बार दोहरा चुकी ही। उण मुळक'र कैयो, 'भूवासा, म्हारै सरीर री बात छोडो; बीनणी रो लैंगो कित्तो सुंदर है, देख्यो?' भूवासा मूंडो बणायो अर कीं ताळ पछै पाछो सरू करियो, तो रेखा 'म्हैं तनु नै बुला लावूं' कैय'र उठगी। तनु नै लेय'र बा नाचणियां में गई, अर पछै दोनूं एक ई थाळी में जीमी। तनु मिठाई रो आधो टुकड़ो रेखा री थाळी में घाल'र कैयो, 'दीदी, थे बोल्या तो बै चुप व्हेगा।' सगळा रिस्तेदार कोनी बदळसी; पण कुण-सी बात सुणणी अर कद उठणो, ओ फैसलो थांरो है।

Key takeaways

  • नीयत माड़ी कोनी व्है तो ई टिप्पणी रो घाव कम कोनी व्है; नीयत अर असर नै अलग तौलो।
  • सांची फिकर एकलै में, एक बार अर मदद रै सागै आवै; सरमिंदगी सगळां सामै, बार-बार अर फैसलै सागै आवै।
  • दस-बारह सबदां री एक सींव री लाइन पैलां सूं तैयार राखो; बात पाछी आवै तो बहस मत करो, उठ जावो।
  • किशोर टाबर अर नवी बीनणी जैड़ा जिका खुद कोनी बोल सकै, बांरै सारू बीच में बोलो।

जिकी बैन या सहेली हर ब्याव सूं पैलां रिस्तेदारां री टिप्पणियां सूं डरै, उणनै ओ भेजो; इणमें दस सबदां री सींव री लाइनां अर उठ जावण रो सीधो नियम है।

ब्याव या करियर रा सवाल आपरी कुंडली सूं, आपरी मरजी सूं देखणा है, किणी री टोका-टाकी सूं कोनी? Astro Ratan नै पूछो; थांरो सरीर अर थांरो फैसलो, दोनूं थांरा।

FAQ

मां खुद सगळां सामै म्हारै वजन री बात करै, तो बांनै कियां रोकूं?

फंक्शन री भीड़ में कोनी, घरै एकलै में बात करो, अर बताओ कै बांरी बात सुण'र थांनै कांई लागै। मां सूं एक सीधी मांग करो: 'म्हारी सेहत री फिकर व्है तो म्हनै कैवो, दूजां सामै कोनी।' घणी मांवां नै ठा ई कोनी व्है कै बांरी बात दूजां नै टोकण रो हक दे देवै।

जवाब देवूं तो घरवाळा कैवै कै बडेरां री इज्जत कोनी करी; कांई करूं?

आदर सूं सींव खींचणी बेअदबी कोनी। सुर धीमो राखो, 'भूवासा' या 'मामीसा' सूं बात सरू करो, अर बात बदळण रो रस्तो सागै देवो। बडेरां री इज्जत अर आपरी इज्जत, दोनूं एक सागै राखी जा सकै।

सासरै रै फंक्शन में ताणा मिलै अर नवी बीनणी व्हेण सूं बोल कोनी सकूं, तो?

घरवाळै सूं पैलां सूं बात कर लेवो कै इसी बात आवै तो बो बीच में बोलसी, अर एक इसारो तय करो जिणसूं बो समझै कै अबै थांनै उठणो है। जे ताणा घर में रोज री बात बणग्या, तो आ फंक्शन री टोका-टाकी कोनी रैयी, मानसिक हिंसा री हद में जा सकै। तद किणी भरोसै रै मिनख या सलाहकार सूं मदद लेवो।

कोई टाबर भोळै मन सूं कैवै 'मौसी, थे मोटा हो', तो कांई करूं?

टाबर जिको देखै बो कैय देवै; उणरो मतलब सरमावणो कोनी व्है। हंस'र कैवो, 'हां, म्हारो सरीर इसो है, थारो इसो है', अर बात आगै बधा दो। इणसूं टाबर सीखै कै सरीर में फरक आम बात है, टोकण री कोनी।