मारवाड़ी
Generosity & financial safetyमारवाड़ी

आपरो इमरजेंसी फंड बणावां, या रिश्तेदार री मदद अबार करां?

रिश्तेदार पईसा मांगै अर थांरो आपरो बचाव पतळो व्है, तो दया अर हद दोनां नै बचावतो मदद रो एक हिसाब।

2026-11-08 7 min · 1,527 words

Direct answer

पैलां आपरो हिसाब, पछै मदद। घर रो भाड़ो, दवाई, कर्ज री किस्त अर कम सूं कम एक महीनै रा जरूरी खरचा अलग राख'र जिको बचै, बो ई थांरी मदद री ऊपरली हद है। उणसूं बेसी दियां एक घर रो संकट दो घरां रो बण जावै। पईसां सागै दूजी मदद ई देवो: कागज देखणा, फाइनेंस कंपनी सूं बात, अर कुनबै नै मिलावणो।

लिलुआ री लोकल अर लाडनूं सूं आयो फोन

कोलकाता रै बड़ाबाजार में कलाकार स्ट्रीट री एक कपड़ा फर्म में इकतीस बरस रो आशीष अग्रवाल हिसाब-किताब देखै। रात रा पौणा दस बजिया है, बो हावड़ा सूं लिलुआ री लोकल में ऊभो है, अर फोन माथै लाडनूं सूं मासीसा रै बेटै रमेश रो नंबर चमकै। रमेश री पिकअप गाडी री दो किस्तां टूटगी है; फाइनेंस कंपनी वाळा कैयग्या कै सुकरवार तांई चौपन हजार कोनी भर्या तो गाडी उठा लेसी। 'भाईसा, थांरै सिवाय कुण है,' रमेश रो गळो भर्योड़ो है। आशीष रै खातै में अड़तीस हजार रिपिया है, अर ओ ई उणरो आखो बचाव है। घरै पूग्यो तो मां, जिकी उणरै साथै रैवै, पैलां सूं सगळी बात जाणै ही: 'रमेश तो आपणो ई है, थारा मासाजी थारी कॉलेज री फीस भरी ही, भूलग्यो कांई?' आशीष छत माथै फोन रो कैलकुलेटर खोल'र बैठग्यो, पण कोई जोड़ पूरो कोनी बैठै।

ना कैवणो इत्तो दोरो क्यूं लागै

आशीष री दया खोटी कोनी। आपणां कुनबां में संकट में आपणां रो हाथ झालणो धरम अर मान दोनूं मानीजै, अर मासाजी रो करियोड़ो उपकार साचो है। ना कैवतां ई डर लागै कै लाडनूं में सगळा कैसी, 'कोलकाता जाय'र आशीष बदळग्यो।' पण एक दूजो साच ई है। जे आशीष आपरा अड़तीस हजार रमेश नै दे देवै अर अगलै महीनै मां नै अस्पताल ले जावणो पड़ै, तो उणनै खुद किणी सूं उधार मांगणो पड़सी, सायद ब्याज माथै। इयां एक घर रो संकट दो घरां रो संकट बण जावै, अर तद कोई किणी रो हाथ कोनी झाल सकै।

पैलां आपरो हिसाब

आशीष री तनखा हाथ में बयाळीस हजार आवै। मदद री कोई रकम सोचण सूं पैलां उण महीनै रा जरूरी खरचा एक कागज माथै लिख्या:

खरचोमहीनै रा रिपिया
घर रो भाड़ो11,000
मां री बीपी अर सुगर री दवाई2,500
पढ़ाई रै लोन री किस्त6,500
राशन, बिजळी, आवण-जावण12,000
जरूरी खरचो कुल32,000
महीनै में बचै10,000

नीचली हद: जिको पईसो कोनी छूवणो

इमरजेंसी फंड रो आम नियम है कै घर रा तीन सूं छह महीनां रा जरूरी खरचा अलग राखो। आशीष सारू तीन महीना मतलब छियाणवै हजार; उणरै कनै अड़तीस हजार है, यानी एक महीनै सूं थोड़ो ई बेसी। इण सारू बो आपरी एक लकीर खींचै: बत्तीस हजार, यानी एक महीनै रो जरूरी खरचो, उणरी नीचली हद है, जिकी किणी री मदद सारू कोनी टूटै। ओ नियम स्वार्थ कोनी। जे मां बीमार व्ही या फर्म में तनखा अटकी, तो ओ ई पईसो उणनै कर्ज सूं बचासी, अर कर्ज सूं बच्योड़ो मिनख ई आगै किणी री मदद कर सकै।

दया अर हद, दोनूं तौलो

दया रमेश री रोजी बचावै, क्यूं कै पिकअप ई उणरी कमाई है; कुनबै रो हेत बचावै; अर आशीष रो ओ भरोसो बचावै कै बो आपणां रै काम आवै। पण सगळो बचाव देय दियो तो आशीष रो घर बिना छत रो रैसी, अर जे अगलै महीनै तीजी किस्त टूटी तो फेर ओ ई सवाल पाछो आसी। हद आशीष री मां री दवाई, उणरी किस्त अर आगै फेर मदद कर सकण री ताकत बचावै; उणरी कीमत है मन रो भार अर रिश्तेदारां री बातां। अर कीं बातां अजै ठा ई कोनी: चौपन हजार में दंड कित्तो है, रमेश फाइनेंस कंपनी सूं किस्त आगै सरकावण री बात करी कै कोनी, कुनबै में और कुण मदद कर सकै, अर अगलै महीनै री किस्त रो कांई प्लान है। ऐ सवाल पूछणा सक करणो कोनी; सांचो मददगार इयां ई सोचै।

मदद री ऊपरली हद: दस हजार कियां निकळ्या

आशीष एक नियम बणायो: मदद री रकम भाड़ै, दवाई, कर्ज री किस्त अर नीचली हद नै कोनी छूवसी। उणरो जोड़ इयां बैठ्यो:

  • खातै में अड़तीस हजार, उणमें सूं बत्तीस हजार री नीचली हद अलग: बचै छह हजार।
  • इण महीनै बचण वाळा दस हजार में सूं छह हजार पाछा फंड में, ताकि बचाव धीरे-धीरे तीन महीनां कानी बधै, अर चार हजार मदद में।
  • छह अर चार, मदद री ऊपरली हद दस हजार।
  • भाड़ो, दवाई अर लोन री किस्त, तीनूं में सूं एक रिपियो ई कोनी कटै।

पईसां सूं बेसी जिकी मदद व्है सकै

आशीष रो असली हुनर हिसाब है, अर रमेश नै अबार उणरी ई घणी जरूरत है। बो रमेश सूं लोन रा कागज मंगा'र पढ़ सकै कै दंड अर ब्याज कित्तो जुड्यो है, अर दोनूं मिल'र फाइनेंस कंपनी सूं आधी रकम अबार अर बाकी थोड़ै बगत में भरण री बात कर सकै। कुनबै नै ई मिलायो जा सकै: जे पांच रिश्तेदार दस-दस हजार देवै अर रमेश खुद चार हजार जोड़ै, तो चौपन हजार पूरा व्है जावै, अर किणी एक माथै सगळो भार कोनी पड़ै। इणसूं रमेश री इज्जत ई बचै, क्यूं कै एक आदमी रो अहसान कोनी, आखै कुनबै रो साथ है।

रमेश सूं कांई कैवणो

आशीष अगलै दिन दिनूगै फोन करियो: 'रमेश, म्हैं थारै साथै हूं। म्हैं दस हजार अबार भेज सकूं; इणसूं बेसी करियो तो मां री दवाई अर म्हारी किस्त माथै आंच आसी। आज आपां दोनूं फाइनेंस कंपनी नै फोन करां, अर म्हैं बड़ा मामाजी अर दिनेश भाईसा सूं बात करूं कै सगळा थोड़ो-थोड़ो मिलावां।' आशीष दस हजार नै मन में भेंट मान'र दिया, उधार कोनी। जिकी रकम पाछी कोनी आवै तो ई थांरो घर चालै, बा ई देवो। अर जे उधार रूप में देवो, तो रकम अर पाछो देवण रो बगत दोनूं एक कागज माथै लिख लेवो, ताकि आगै रिश्तो सफाई मांगतो कोनी फिरै। किणी री मदद सारू क्रेडिट कार्ड सूं पईसा काढणा या पर्सनल लोन लेवणो दूजो संकट आपरै हाथां बणावणो है।

मदद इत्ती ई करो कै एक घर रो संकट दो घरां रो कोनी बणै।

मां नै हिसाब दिखावो

मां रो भाव गलत कोनी; बा उपकार याद राखै, अर ओ सिखायो ई उणी है। पण उणरी आपरी दवाई ई इणी हिसाब में है। आशीष रात नै मां नै बो कागज दिखायो अर कैयो, 'मां, म्हैं रमेश री मदद कर रैयो हूं: दस हजार अर आखै कुनबै नै जोड़ण रो काम। थारी दवाई री रकम म्हैं कोनी छेड़ सकूं।' मां कीं ताळ चुप रैयी, पछै बोली, 'मामाजी नै म्हैं फोन करूं।' जद हिसाब सामै व्है, तो घणी बार बहस री जगां घर रा लोग मदद रो रस्तो सोचण लागै। मन रो भार रकम तय मत करण दो; हिसाब करण दो।

ग्रह-नक्षत्र अर पईसां रा फैसला

केई लोग इसी घड़ी में पूछै कै कांई अबार कोई दशा पईसा देवण सारू ठीक है। कोई ग्रह या दशा ओ तय कोनी करै कै किणनै कित्ता पईसा कद देवणा; ओ फैसलो थांरो हिसाब अर थांरी जिम्मेदारियां करै। थांरी कुंडली सूं ओ समझणो जरूर काम रो व्है सकै कै फरज अर मन रो भार थांनै क्यूं इत्तो खींचै। फ्री कुंडली सूं आपरो चार्ट बणावो; अर Astro Ratan, जिको एक AI वैदिक ज्योतिषी है, थांरी सही कुंडली सागै थांरो सवाल सुणै अर घर रा दूजा लोगां री प्रोफाइल उणां री आपरी कुंडली सूं, उणां री रजामंदी सूं, बणावै। सदस्यता री जाणकारी प्लान पानै माथै है। अर जे घर में तनखा रो हिसाब ई बहस बणै, तो मां-बाप अर तनखा री जाणकारी वाळो लेख ई पढ़ो।

Key takeaways

  • मदद री हद इयां काढो: भाड़ो, दवाई, कर्ज री किस्त अर एक महीनै रो जरूरी खरचो छोड'र जिको बचै, बो ई देवण जोग है।
  • जिकी रकम देवो, बा इसी व्है कै पाछी कोनी आवै तो ई थांरो घर चालै; उणनै मन में भेंट मान'र देवो।
  • पईसां सूं बेसी काम री मदद व्है सकै: लोन रा कागज पढ़णा, फाइनेंस कंपनी सूं बात, अर कुनबै में थोड़ो-थोड़ो मिलावणो।
  • किणी री मदद सारू क्रेडिट कार्ड या पर्सनल लोन सूं पईसा काढणा दूजो संकट आपरै हाथां बणावणो है।

जिको भाई या भायलो हर रिश्तेदार री मदद में आपरो बचाव खाली कर देवै, उणनै ओ भेजो; इणमें मदद री हद काढण रो सीधो हिसाब है।

फरज अर आपरी जिम्मेदारियां रो तालमेल आपरी सही कुंडली सूं समझणो है? Astro Ratan नै आपरो सवाल पूछो; रकम अर फैसलो थांरो ई रैसी।

FAQ

रिश्तेदार पैलां लियोड़ा पईसा पाछा कोनी दिया, अर फेर मांगै; कांई करूं?

पुराणी रकम रो जिकर ताणै री तरियां कोनी, हिसाब री तरियां करो: 'पाछलो अजै बाकी है, इण सारू अबार म्हैं फगत इत्तो ई कर सकूं।' नवी मदद पईसां री जगां काम री देवो, जियां कागज देखणा या दूजां नै जोड़णा। बार-बार री मांग रो मतलब है कै संकट री जड़ कठै और है।

म्हारो इमरजेंसी फंड अजै सरू ई कोनी व्हियो; तो कांई म्हैं कोई मदद ई कोनी करूं?

इसी हालत में पईसां री मदद घणी छोटी राखो, अर बाकी मदद बगत अर हुनर सूं करो। पैलो लक्ष्य एक महीनै रो जरूरी खरचो जोड़णो है; ओ बण्यां पछै थे बेसी भरोसै सूं हाथ बढ़ा सकसो। खुद रो बचाव बणावणो कुनबै सूं मूंडो फेरणो कोनी।

घरवाळी अर म्हैं सांझी बचत राखां; रिश्तेदार री मदद रो फैसलो कुण करै?

सांझी बचत सूं दी जावण वाळी हर रकम दोनां री रजामंदी सूं तय व्हेणी चाहिजै। चोखो ओ रैसी कै दोनूं पैलां सूं एक सालाना मदद री रकम तय कर लेवो, ताकि हर फोन माथै घर में नवी बहस कोनी व्है।

भेंट अर उधार में कुणसो रिश्तै सारू चोखो रैवै?

छोटी रकम भेंट मान'र देवणो घणी बार रिश्तो सोरो राखै, क्यूं कै पाछै कोई उडीक कोनी रैवै। मोटी रकम उधार व्है, तो लिख'र देवो, अर पाछी आवण री तारीख माथै दोनूं राजी व्हो। मुंहजबानी उधार री उडीक रिश्तां में सगळां सूं बेसी कड़वाहट लावै।