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पैली तनखा घरै भेजी: आपरै सारू कीं लेवूं तो मन क्यूं कचोटै?

घर रो अहसान मानणो अर खुद नै मिटा देवणो, दोनां रो फरक; तनखा वाळै दिन एक छोटो आपरो खरचो अर घर सागै तय रकम री बात।

2026-11-08 7 min · 1,486 words

Direct answer

पैली तनखा घरै भेजणो अहसान है, पण बची-खुची रकम सूं आपरो महीनो काढणो अर एक जोड़ी जूतां माथै सरमावणो खुद नै मिटावणो है। तनखा रो हिसाब कागज माथै करो: आपरो जरूरी खरचो, एक छोटो आपरो खरचो अर थोड़ी बचत, पछै घरै जावण वाळी तय रकम। तनखा वाळै दिन पैलां आपरो छोटो हिस्सो अलग करो, पछै घर री रकम भेजो।

वाकड री दुकान रो कांच अर फाट्योड़ो तळो

पुणे रै वाकड में एक जूतां री दुकान रै कांच सामै तेईस बरस रो दिनेश बिश्नोई लगातार तीजी सिंझ्या ऊभो है। अंदर चौबीस सौ रिपियां रा खेल वाळा जूता है, अर उणरै पगां में जिका जूता है उणां रो तळो फाटग्यो है। फलोदी री एक ढाणी रो दिनेश हिंजवडी री एक कंपनी में IT सपोर्ट में लाग्यो है, अर एक तारीख नै उणरी पैली तनखा आई: अठाईस हजार। उणी सिंझ्या उण बीस हजार बापूजी रै खातै में भेज दिया, क्यूं कै ट्यूबवैल रै कर्ज री किस्त बाकी ही अर छोटी बैन संतोष री कॉलेज री फीस भरणी ही। पांच हजार कमरै रै भाड़ै में गया, जिको बो तीन साथियां सागै बांटै। महीनो काढण सारू बच्या तीन हजार। रूममेट इरफान कैयो, 'ले ले यार, पगां में छाला पड़सी।' पण दिनेश री आंख्यां सामै बापूजी आया, जिका इण बगत धूप में खेत में है, अर बो बिना कीं लियां कमरै पाछो आयग्यो।

मन क्यूं कचोटै

दिनेश री कचोट बेमतलब कोनी। उणरी BCA री फीस सारू बापूजी दो बरस तांई उधार री किस्त भरी, अर मां रो एक गैणो अजै बैंक में है। पैली तनखा उणनै घर री लागै, आपरी कोनी। अर गांव री एक अणकैयी सीख ई है कै चोखो बेटो आपरै माथै खरचो कोनी करै, पैलां घर देखै। इण सीख में घणो कीं सुंदर है: हेत, जिम्मेदारी, मां-बाप रो मान। पण जद आ सीख इण हद तांई पूगै कै एक जोड़ी काम रा जूता ई गुनाह लागै, तद अहसान खुद नै मिटावण में बदळ जावै।

अहसान अर खुद नै मिटावणो, दोनूं तौलो

सगळी तनखा घरै भेजणो कीं चीजां बचावै: मां-बाप रो भरोसो कै बेटो उणां नै भूल्यो कोनी, घर रो कर्ज, बैन री पढ़ाई, अर दिनेश रो आपरो ओ मान कै बो घर रै काम आयो। पण इणरी कीमत दीखै कोनी, इण सारू गिणीजै ई कोनी: भूखो रैवणो, दोस्तां सूं छानो उधार, बीमार पड़्यां इलाज सारू पईसा कोनी, कोई कोर्स या सर्टिफिकेट कोनी जिणसूं आगली तनखा बधै, अर धीरे-धीरे मन में एक कड़वाहट। दूजै पासै, जे दिनेश पैलै ई महीनै सूं घरै घणो कम भेजै, तो घर री किस्त टूट सकै अर बापूजी नै ठेस लाग सकै। अर जिकी बात अजै कोई कोनी जाणै, बा आ है कै घरवाळां नै दिनेश रो पुणे रो खरचो ठा ई कोनी; उण कदै बतायो ई कोनी।

असली हिसाब: तीन हजार में तीस दिन

अठाईस हजार में सूं बीस घरै अर पांच भाड़ै में गया, तो तीन हजार बच्या, यानी दिन रा सौ रिपिया। इणमें दोनूं बगत रो खाणो, ऑफिस री बस, अर फोन रो रिचार्ज। बीस तारीख तांई दिनेश इरफान सूं पंद्रह सौ उधार लेय चुक्यो हो। इणरो मतलब ओ है कै घरै जिको बीस हजार पूग्यो, उणमें सूं कीं रकम असल में इरफान री ही। ओ अहसान कोनी, एक छिप्योड़ो कर्ज है, अर हर महीनै बधसी। घरवाळां री नजर में सगळो ठीक चाल रैयो है, क्यूं कै दिनेश फोन माथै सदा कैवै, 'सब ठीक है, बापूजी।'

बची-खुची कोनी, एक तय रकम

दिनेश एक कागज माथै पुणे रो साचो खरचो लिख्यो: भाड़ो पांच हजार, खाणो साढ़ा चार हजार, बस एक हजार, फोन तीन सौ; कुल लगभग ग्यारह हजार। पछै उण दो छोटा खानां जोड्या: पंद्रह सौ आपरो खरचो अर पंद्रह सौ बचत। अबै हिसाब इयां बैठ्यो:

खानोमहीनै रा रिपिया
पुणे रो जरूरी खरचो11,000
आपरो खरचो, बिना सफाई रै1,500
बचत, बीमारी या नौकरी रै संकट सारू1,500
घरै तय रकम14,000
कुल तनखा28,000

तनखा वाळै दिन पैलो ट्रांसफर आपरो

जिको पईसो आखरी में बचै, बो सदा खर्च व्है जावै; अर जिकी चीज 'बच्यो तो लेसूं' री सूची में व्है, बा कदै कोनी आवै। इण सारू दिनेश एक प्रयोग करियो। उण आपरै बैंक री ऐप में एक अलग खातो या सेविंग पॉट बणायो, अर हर महीनै री एक तारीख नै पंद्रह सौ उणमें आपै जावण रो स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन लगायो। पछै बो तय चौदह हजार घरै भेजै। आपरो पंद्रह सौ बो बिना किणी नै पूछ्यां, बिना कोई सफाई दियां खर्च कर सकै: जूता, एक फिल्म, बैन सारू एक किताब। पैलै महीनै ओ अजीब लागसी। दूजै महीनै लागसी कै घर री रकम अबै पक्की अर बराबर पूगै, अर दिनेश नै उधार कोनी मांगणो पड़ै।

बापूजी सूं बात

हिसाब बदळण सूं पैलां घर सूं बात जरूरी है, नींतर घटती रकम सक पैदा करसी। दिनेश आदीतवार नै फोन करियो: 'बापूजी, पैलै महीनै म्हैं बीस हजार भेज्या, पण पुणे में खाणो अर भाड़ो मिल'र ग्यारह हजार लागै, अर म्हनै इरफान सूं उधार लेवणो पड़्यो। अबै सूं म्हैं हर महीनै चौदह हजार पक्का भेजसूं, एक तारीख नै। जिकै महीनै बेसी री जरूरत व्है, म्हनै पैलां बता दीजो, आपां मिल'र देखसां।' फोन माथै कीं ताळ चुप्पी रैयी। पछै बापूजी बोल्या, 'गेलो, भूखो रैय'र पईसा भेजै? पैलां क्यूं कोनी बतायो।' घणा मां-बाप टाबर री भूख री कीमत माथै पईसा कोनी चावै; उणां नै फगत ठा कोनी व्है। अर जिका घरां में सांचाणी तंगी है, उठै ई तय रकम बची-खुची रकम सूं बेसी भरोसो देवै, क्यूं कै घर उण माथै हिसाब बणा सकै।

घर नै पक्की रकम चाहिजै, थांरी भूख कोनी।

जूता स्वार्थ कोनी

चौथी सिंझ्या दिनेश जूता लिया, आपरै पंद्रह सौ अर अगलै महीनै रा नौ सौ जोड़'र। हिंजवडी रा लांबा फेर, सर्वर रूम सूं डेस्क तांई री भागदौड़, इणां सारू जूता काम रो औजार है, सौक कोनी। पण जे कदै ई आपरो खरचो सौक सारू व्है, एक फिल्म या कोई किताब, तो ई ओ गुनाह कोनी। जिको मिनख कमावै, बो थोड़ो आपरै सारू ई राखै, तो उणरी कमाई लांबी चालै; जिको सगळो देय देवै, बो जल्दी थाकै।

आगै री आजादी

पैली तनखा रो बंटवारो सदा सारू कोनी। तनखा बधसी, कर्ज री किस्त खतम व्हेसी, बैन री पढ़ाई पूरी व्हेसी; हर साल एक बार घर सागै बैठ'र ओ हिसाब नवो करो। बचत धीरे-धीरे तीन महीनां रै खरचै तांई ले जावो, ताकि कदै नौकरी में गड़बड़ व्है तो घर री रकम कोनी रुकै। अर कीं पईसा आपरी पढ़ाई या हुनर माथै लगावो; आगली नौकरी री तनखा ई घर री बेसी मदद करसी। आगै बधण रा रस्ता खोजणा है तो बिना बणावटी लाग्यां नेटवर्किंग वाळो लेख ई पढ़ो।

ग्रह अर तनखा रो बंटवारो

कोई ग्रह किणी नै घर रो ATM कोनी बणावै, अर कोई दशा तय कोनी करै कै तनखा रो कित्तो हिस्सो घरै जावणो चाहिजै; ओ हिसाब अर बात रो सवाल है। कुंडली सूं ओ समझणो जरूर काम रो व्है सकै कै फरज अर आपरी जरूरत रै बीच थांरो मन कठै झूलै। फ्री कुंडली सूं आपरो चार्ट बणावो। Astro Ratan, एक AI वैदिक ज्योतिषी, थांरी सही कुंडली सागै थांरो सवाल सुणै, अर घर रा दूजा लोगां री प्रोफाइल उणां री आपरी कुंडली सूं, उणां री रजामंदी सूं ई बणावै; सदस्यता री बात प्लान पानै माथै है।

Key takeaways

  • घर रो अहसान साचो है, पण आपरो महीनो उधार सूं काढणो अहसान कोनी; ओ एक छिप्योड़ो कर्ज है जिको घरवाळां नै ठा ई कोनी।
  • बची-खुची रकम री जगां घरै जावण वाळी एक तय रकम बणावो, अर उणरो हिसाब घरवाळां सूं खुल'र करो।
  • तनखा वाळै दिन पैलां आपरो छोटो हिस्सो अलग करो, पछै घर री रकम; जिको आखरी में बचै, बो सदा खर्च व्है जावै।
  • काम सारू जूता या फोन लेवणो स्वार्थ कोनी; आपरो खरचो ई घर री कमाई नै टिकावै।

जिको भायलो पैली तनखा घरै भेज'र खुद उधार माथै महीनो काढै, उणनै ओ भेजो; इणमें तय रकम अर तनखा वाळै दिन रो सीधो नियम है।

फरज अर आपरी जरूरत रै बीच आपरो मन आपरी सही कुंडली सूं समझणो है? Astro Ratan नै आपरो सवाल पूछो; बंटवारो थांरो ई फैसलो है।

FAQ

मां-बाप कैवै 'सगळी तनखा म्हांनै देय दे, म्हे थारो खरचो भेजसां'; कांई ओ ठीक है?

केई घरां में ओ रिवाज है, अर जे दोनूं पासा राजी व्है तो ठीक है। पण इणमें थांरै हाथ में आपरो कोई खातो, बचत या फैसलो कोनी रैवै। बीच रो रस्तो ओ व्है सकै कै तय रकम घरै जावै अर थांरो जरूरी खरचो अर बचत थांरै खातै में रैवै।

भाई-बैन म्हारी तनखा माथै फरमाइस करै, फोन, कपड़ा; ना कियां कैवूं?

फरमाइस नै 'ना' री जगां 'इण महीनै रै खानै' में राखो: 'म्हारो आपरो खरचो पंद्रह सौ है; इण बार थारै सारू इत्तो कर सकूं।' भाई-बैन जद हिसाब देखै, तो मांग आपै घटै। मोटी चीज सारू कीं महीनां री बचत री बात करो।

आपरो खरचो राख्यो, पण फेर ई घरवाळां सूं छिपावणो पड़ै; कांई करूं?

छिपावणो ई ओ बतावै कै बात पूरी कोनी व्ही। एक बार घरवाळां सूं पूरो हिसाब बांटो, आपरो खरचो ई, ताकि बा रकम खुल'र मानीजै। जिकी चीज बताई जा सकै, उणमें मन कोनी कचोटै।

घर री किस्त सांचाणी चौदह हजार सूं बेसी है; तो कांई करूं?

इसी हालत में खरचां रो हिसाब घर सागै बैठ'र करो: किस्त री बाकी मुद्दत, दूजा कमावण वाळा, अर बैंक सूं किस्त लांबी करावण रो रस्तो। थोड़ै बगत सारू बेसी भेजणो पड़ै तो भेजो, पण तारीख तय करो कै कद पाछो तय रकम माथै आसो। आपरी बचत रो खानो पूरो खतम मत करो।