डेटिंग ऐप मं मैं बस एक अउ प्रोफाइल बन के रहि गेंव; अपन मान कइसे लहुटावंव?
हजारों विकल्प के बीच जब हर मनखे बदले लाइक लागथे, अउ आप खुद घलो, त ऐप ल रोक के एक इरादा, एक सीमा अउ एक छन्नी के संग लहुटे के तरीका।
Direct answer
डेटिंग ऐप मं बदले लाइक होय के एहसास तब आथे जब स्वाइप मसीन जइसे होथे अउ गोठ मं जिज्ञासा नइ बांचय। एकर उपाय सिरिफ ऐप मिटाना नोहय। सात दिन ऐप रोकव, फेर एक साफ इरादा, एक समे के सीमा अउ एक गुन के छन्नी संग लहुटव। कम मैच, धीमा गोठ अउ असल सवाल ले मान लहुटथे।
पद्मनाभपुर, बैंक के खाना के छुट्टी
दुर्ग के पद्मनाभपुर मं सौरभ ताम्रकार एक बैंक मं क्लर्क हे, तीस बछर के। मंझनिया के खाना के छुट्टी मं टिफिन खुलथे अउ संग मं डेटिंग ऐप। ओ दिन ओ ह छै मिनट मं चालीस प्रोफाइल स्वाइप करिस, बिना कोनो के लिखे एको लाइन पढ़े। पिछला हफ्ता के बारह मैच ल ओ ह एके संदेस भेजे रहिस: “हाय, कइसे हव?” जवाब एके आइस, “हम्म।” संझा ओ ह एक गोठ खोलिस अउ ओला सुरता नइ आइस कि ये भिलाई वाली शिक्षिका आय कि रायपुर वाली नर्स। ओ घड़ी ओला अपन ऊपर लाज लगिस, अउ फेर एक अउ बात सूझिस: ओ मन घलो सायद मोला अइसने भुला देथें।
जब हर मनखे बदले लाइक लगय
ऐप के बनावट अइसन हे कि अगला चेहरा हमेसा एक अंगरी के दूरी मं रहिथे। जब विकल्प अंतहीन लगथें, त कोनो एक मनखे ऊपर धियान देना महंगा लगे लगथे; लगथे, का पता अगला वाला अउ बने होय। अउ जब आप दूसर मन ल ढेर मं एक पत्ता जइसे देखथव, त धीरे-धीरे अपन आप ल घलो ओही ढेर के पत्ता मान लेथव: कोनो जवाब नइ दिस त ओमा कोनो बात नइ, मैं ही कमती हंव। सौरभ के थकान काम के थकान नइ रहिस; ओ खाली होय के थकान रहिस, जिहाँ गोठ चलत हे फेर कोनो मिलत नइ हे।
बहुतायत के फायदा, जेन सिरतोन हे
ऐप ल खलनायक बनाना आसान हे, फेर ईमानदार नइ। सौरभ के दफ्तर, मोहल्ला अउ रिस्तेदार के घेरा ले बाहिर ओला कोनो ले भेंट के मौका कम रहिस; ऐप ह ओ दरवाजा खोलिस। बिना घर वाले मन के दबाव के कोनो ल जाने के छूट मिलिस, अउ मना करे या मना सुने के एक सहज रस्ता घलो। कई जोड़ी अइसने मिलथें अउ बने चलथें। एकरे सेती सवाल ऐप छोड़े के नइ, ऐप मं अपन धियान अउ अपन मान ल कइसे बचाना हे, ओकर आय।
थकान के निसान
- स्वाइप करत बेरा आप प्रोफाइल के लिखे बात नइ पढ़व, बस फोटो देखथव।
- हर मैच ल एके कापी-पेस्ट संदेस जाथे।
- मैच होय मं खुसी नइ, बस आदत पूरा होय के एहसास होथे।
- कोनो जवाब नइ देय त पूरा दिन अपन आप ल कमती मानथव।
- ऐप बंद करके घलो मन मं गिनती चलत रहिथे: कतका मैच, कतका जवाब।
सात दिन के छुट्टी
सौरभ ह ऐप मिटाइस नइ, बस फोन के पहिली पन्ना ले हटा दिस अउ सूचना बंद कर दिस। सात दिन के नियम सीधा रहिस: ऐप नइ खोलना। पहिली दू दिन खाना के छुट्टी मं हाथ अपने-आप फोन कोती जावय। ओ ह ओ बेरा मं एक जुन्ना संगवारी ल फोन करिस, अउ एक दिन कैंटीन मं सहकर्मी मन संग बइठ के खाइस। चौथा दिन ओला पता चलिस कि ओ ऐप ल मया खोजे बर कम, बोरियत अउ अकेलापन भरे बर जादा खोलत रहिस। ये जानकारी छुट्टी के सबले बड़े कमाई रहिस।
एक इरादा, एक सीमा, एक छन्नी
- इरादा: आप का खोजत हव, एक लाइन मं लिखव; जइसे, ‘मोला गंभीर रिस्ता चाही, टाइमपास नइ।’ अपन प्रोफाइल मं घलो ओही साफ लिखव।
- सीमा: दिन मं एक तय बेरा, जइसे संझा बीस मिनट, अउ एक संग तीन ले जादा गोठ नइ।
- छन्नी: एक गुन चुनव जेन आपके बर सिरतोन मं जरूरी हे, जइसे पढ़ई के सौक या परिवार ऊपर सोच; प्रोफाइल पढ़ के ओही देखव, सिरिफ फोटो नइ।
- हर मैच ल ओकर प्रोफाइल ले जुड़े एक असल सवाल भेजव, कापी-पेस्ट ‘हाय’ नइ।
- कोनो ले गोठ आघू नइ बढ़त हे त नरमी ले बता के सिराय देवव; चुपचाप गायब होना दूसर ल घलो बदले लाइक बनाथे।
गोठ मं फेर जिज्ञासा, अउ भेंट मं सावधानी
लहुटे के बाद सौरभ ह एक प्रोफाइल मं पढ़िस कि नोनी ह मैनपाट घूमे गे रहिस। ओ ह पूछिस, “मैनपाट मं ठंड मं गे रहेव कि बरसात मं?” ओ गोठ चार दिन चलिस, अउ दूनों एक संझा वीडियो कॉल मं गोठियाइन। पहिली भेंट बर दूनों भिलाई के एक भीड़ वाला कैफे चुनिन। अइसन भेंट मं कुछ बात अपन हाथ मं राखव: कोनो संगवारी ल जगा अउ समे बता देवव, अपन आय-जाय के साधन खुद राखव, अउ कोनो पइसा या निजी कागज मांगय त तुरते सावधान हो जावव। ओ भेंट ले रिस्ता बनिस कि नइ, ये अलग बात आय; फेर सौरभ पहिली बेर घर लहुटिस त ओला सुरता रहिस कि ओ काकर ले मिले रहिस, अउ काबर।
जेन गोठ मं कोनो सवाल नइ, ओमा मनखे नइ, बस गिनती होथे।
मया के बेरा अउ कुंडली
कतको झन थक के पूछथें: का मोर कुंडली मं बिहाव देरी ले लिखाय हे? कुंडली ले दसा अउ गोचर के बेरा के बारे मं सोचे बर संदर्भ मिल सकथे, फेर कोनो ईमानदार जोतिस बिहाव या भेंट के पक्का तारीख नइ दे सकय, अउ कोनो ग्रह ये तय नइ करय कि आप बदले लाइक हव। Astro Ratan, एक AI वैदिक जोतिसी, आपके ठीक कुंडली ले मया अउ बिहाव के सवाल मं जेन बता सकथे, ओ मया के जोतिस वाला पन्ना मं हे। अउ जेन मन के सगाई हो गे हे फेर मन मं अचानक सक उठत हे, ओमन बर सगाई के बाद के सक वाला लेख हे।
जब थकान अकेलापन बन जाय
कभू-कभू डेटिंग के थकान ओकर ले गहिर चीज ल ढांक देथे: रतिहा नींद नइ आना, कोनो ले गोठियाय के मन नइ करना, अपन आप ल बेकार मानना। कहूँ अइसन हफ्तों ले चलत हे, त कोनो भरोसा के मनखे ल बतावव अउ डॉक्टर या परामर्सदाता ले मिलव। Tele-MANAS के 14416 (या 1-800-891-4416) मं चौबीसों घंटा मुफ्त मं भारतीय भाखा मं गोठ हो सकथे। कहूँ अपन ल नुकसान पहुंचाय के बिचार आय, या तुरते खतरा होय, त 112 मं फोन करव। ऐप मं कतका समे देना हे, कब लहुटना हे, अउ काकर संग आघू बढ़ना हे, ये सब फैसला आपके आय; बस ओला अपन मान के संग लेवव।
Key takeaways
- जब आप दूसर मन ल स्वाइप के ढेर मानथव, त धीरे-धीरे अपन आप ल घलो ओही ढेर के एक पत्ता मानथव।
- ऐप के बहुतायत के फायदा सिरतोन हे: अपन घेरा ले बाहिर के मनखे, अउ बिना दबाव के मना करे के छूट।
- सात दिन के छुट्टी के बाद एक इरादा, एक समे के सीमा अउ एक गुन के छन्नी के संग लहुटव।
- पहिली भेंट भीड़ वाला जगा मं, कोनो संगवारी ल बता के, अउ अपन आय-जाय के साधन अपन हाथ मं राखव।
- अकेलापन भारी होय त Tele-MANAS 14416 मं चौबीसों घंटा मुफ्त गोठ हो सकथे; तुरते खतरा मं 112।
जेन संगवारी रोज स्वाइप करत-करत थक गे हे अउ अपन आप ल कमती मानत हे, ओला ये एक इरादा, एक सीमा, एक छन्नी वाला तरीका भेजव।
मया अउ बिहाव के बेरा ल अपन कुंडली के संग समझना हे? Astro Ratan ले पूछव, पक्का तारीख के वादा बिना, ईमानदार जवाब।
